BEST 100+ Life Changing Bhagavad Gita Quotes in Hindi 💯 💯

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Hello Guys, श्रीमद Bhagavad Gita एक ऐसा हिन्दू पवित्र ग्रन्थ है। जिसमे महाभारत के दौरान श्री कृष्णजी द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का उल्लेख मिलता है। जो हमें बहुत ही ज्यादा Motivate और सही या गलत फर्क करना सिखाता है। इस पवित्र Bhagavad Gita Quotes आपके जीवन को एक नयी राह देंगे।

Life Changing Bhagavad Gita Quotes in Hindi इस  आर्टिकल में दिए गए है जिन्हे आप अपने जीवन पर  लागू करके एक नए जीवन की शुरुआत कर सकते है और आपने जीवन की बड़ी से बड़ी समस्या को आसानी से हल कर सकते है जिसमे आपकी मदद Bhagavad Gita Quotes in Hindi करेंगे.

Bhagavad Gita Quotes 2023

Bhagavad Gita Quotes in Hindi निचे दिए गए है जिन्हे भगवत गीता से लिया गया है संस्कृत श्लोक के साथ साथ उनका हिंदी में अर्थ भी बताया गया जिससे आपको कोट्स समझने में कोई भी दिक्कत नहीं आएगी। 

नैनं छिद्रन्ति शस्त्राणि नैनं दहति पावक: ।
न चैनं क्लेदयन्त्यापो न शोषयति मारुत ॥

अर्थ : आत्मा को न शस्त्र काट सकते हैं, न आग उसे जला सकती है। न पानी उसे भिगो सकता है, न हवा उसे सुखा सकती है।

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

अर्थ: कर्म करने मात्र में तुम्हारा अधिकार है, फल में कभी नहीं। तुम कर्मफल के हेतु वाले मत होना और अकर्म में भी तुम्हारी आसक्ति न हो।

ध्यायतो विषयान्पुंसः सङ्गस्तेषूपजायते।
सङ्गात्संजायते कामः कामात्क्रोधोऽभिजायते॥

अर्थ: विषयों वस्तुओं के बारे में सोचते रहने से मनुष्य को उनसे आसक्ति हो जाती है। इससे उनमें कामना यानी इच्छा पैदा होती है और कामनाओं में विघ्न आने से क्रोध की उत्पत्ति होती है।

क्रोधाद्भवति संमोह: संमोहात्स्मृतिविभ्रम:।
स्मृतिभ्रंशाद्बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति॥

अर्थ: क्रोध से मनुष्य की मति मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है। स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद का अपना ही नाश कर बैठता है।

उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्।
आत्मैव ह्रात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मन:॥

अर्थ: मनुष्य को अपने द्वारा अपना उद्धार करना चाहिये और अपना अध: पतन नहीं करना चाहिये; क्योंकि आत्मा ही आत्मा का मित्र है और आत्मा (मनुष्य स्वयं) ही आत्मा का (अपना) शत्रु है।

Bhagavad Gita Quotes in Hindi

क्यों बेकार चिंता करते हो? किससे डरते हो? कौन तुम्हें मार सकता है? आत्मा ना पैदा होती है, न मरती है।

जो हुआ, वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है, वह अच्छा हो रहा है, जो होगा, वह भी अच्छा ही होगा। बीते हुए समय का पश्चाताप न करो। भविष्य की चिन्ता न करो। वर्तमान तो चल ही रहा है।

तुम क्यों रोते हो? क्या साथ लाए थे, जो तुमने खो दिया? जो लिया यहीं से लिया। जो दिया, यहीं पर दिया। जो लिया, इसी (भगवान) से लिया, जो दिया, इसी को दिया।

जो आज तुम्हारा है, कल और किसी का था, परसों किसी और का होगा। तुम इसे अपना समझने की गलती न करो।

परिवर्तन ही संसार का नियम है। एक क्षण में तुम करोड़ों के स्वामी बन जाते हो, दूसरे ही पल गरीब हो जाते हो। मेरा-तेरा, छोटा-बड़ा, अपना-पराया मन से मिटा दो, फिर सब तुम्हारा है, तुम सबके हो।

न यह शरीर तुम्हारा है, न तुम शरीर के हो। यह अग्नि, जल, वायु, पृथ्वी, आकाश से बना है और इसी में मिल जायेगा।

आत्मा न मरती है न पैदा होती है। वह तो सिर्फ शरीर बदलती है।

जो कुछ भी तू करता है, उसे भगवान को अर्पण करता चल। ऐसा करने से सदा जीवन-मुक्त का आनंन्द अनुभव करेगा।

Positive Thinking Bhagavad Gita Quotes in Hindi

 भगवत गीता में हमारे जीवन की सभी समस्याओ का हल दिया गए उनमे से एक समस्या ये भी होती है की हम किसी reason से खुद को बहुत ही ज्यादा demotivate कर लेते है और बहुत ही ज्यादा निराश हो जाते है. तो ऐसे में श्री कृष्णा के Positive Thinking Bhagavad Gita Quotes in Hindi आपको Self-Confidence से भर देंगे। 

फल की इच्छा छोड़ कर्म पर ध्यान देना चाहिए

गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि मनुष्य को फल की इच्छा छोड़कर कर्म पर ध्यान देना चाहिए। मनुष्य जैसा कर्म करता है, उसे फल भी उसी के अनुरूप मिलता है। इसलिए व्यक्ति को अच्छे कर्म करते रहना चाहिए।

स्वयं का आकलन

श्रीकृष्ण के अनुसार व्यक्ति को खुद से बेहतर कोई नहीं जान सकता, इसलिए स्वयं का आकलन करना बेहद जरूरी है। गीता में कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने गुणों और कमियों को जान लेता है वह अपने व्यक्तित्व का निर्माण करके हर काम में सफलता प्राप्त कर सकता है।

मन पर नियंत्रण

हमारा मन ही हमारे दुखों का कारण होता है। ऐसे में श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि जिस व्यक्ति ने अपने मन पर काबू पा लिया वह मन में पैदा होने वाली बेकार की चिंताओं और इच्छाओं से भी दूर रहता है। साथ ही व्यक्ति को अपने लक्ष्य को भी आसानी से प्राप्त कर लेता है।

क्रोध पर काबू रखें

क्रोध में व्यक्ति नियंत्रण खो बैठता है और आवेश में आकर गलत कार्य कर देता है। यहां तक कि कभी-कभी गुस्से में व्यक्ति खुद का अहित कर बैठता है। गीता में श्रीकृष्ण ने बताया है कि क्रोध को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। यदि गुस्सा आए तो स्वयं को शांत रखने का प्रयास करें।

स्पष्ट नजरिया

गीता के अनुसार व्यक्ति को संदेह या संशय का स्थिति में नहीं रहना चाहिए, जो लोग संशय का स्थिति में रहते हैं, उनका भला नहीं हो सकता है। जीवन में स्पष्ट नजरिया होना चाहिए।

Bhagavad Gita Quotes Hindi

इंसान अपने विश्वास से बनता है, जैसा वो विश्वास करता हैं वैसा वो बन जाता हैं।

लगातार कोशिश करने से अशांत मन को वश में किया जा सकता हैं।

सिर्फ मन ही किसी का दोस्त और किसी का दुश्मन होता हैं।

चुप रहने से बड़ा कोई जवाब नहीं और माफ़ कर देने से बड़ी कोई सजा नहीं।

जो चीजे तुम्हारे दायरे से बाहर हो उसमे समय गंवाना मूर्खता है।

जो दान कर्तव्य समझकर, बिना किसी शक के, किसी जरूरतमंद इंसान को दिया जाए, वही सच्चा दान हैं।

जीवन का दूसरा नाम संघर्ष हैं।

जिस तरह आग सोने को परखती है उसी तरह मुसीबत एक बहादुर इंसान को।

अभिमान नहीं होना चाहिए की मुझे किसी की जरुरत नहीं पड़ेगी और यह वहम भी नहीं होना चाहिए की सब को मेरी जरुरत पड़ेगी।

जो मनुष्य फल की इच्छा का त्याग करके केवल कर्म पर ध्यान देता है, वह अवश्य ही जीवन में सफल होता है।

मदद सबकी करो मगर आशा किसी से मत रखो, क्योंकि सेवा का सही मूल्य ईश्वर ही दे सकते हैं।

जैसे समुद्र के पार जाने के लिए नाव ही एक मात्र जरिया है, वैसे ही स्वर्ग में जाने के लिए सत्य ही एक सीढी हैं।

सच्ची दोस्ती दुःख को आधा और सुख को दो गुना कर देती हैं।

जितना हो सके खामोश रहना ही अच्छा हैं, क्योंकि सबसे ज्यादा गुनाह इंसान से उसकी जुबान ही करवाती हैं।

परिवर्तन संसार का नियम है, समय के साथ संसार मे हर चीज परिवर्तन के नियम का पालन करती है।

जो बीत गया उस पर दुःख क्यों करना, जो है उस पर अहंकार क्यों करना, और जो आने वाला है उसका मोह क्यों करना।

Must Read

Bhagavad Gita Quotes on Karma

कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥

अर्थ : इस Bhagavad Gita Quotes in Hindi में श्री कृष्ण कहते हैं हे कौन्तेय, तुम्हारा अधिकार सिर्फ इतना है कि तुम अपना कर्म करो। उसके फल पर तुम्हारा अधिकार नहीं है। तुम्हें तुम्हारे कर्म का क्या फल देना है ये मेरे इच्छा पर निर्भर है। तुम्हें फल देना मेरा अधिकार है, इसलिए जिस चीज पर तुम्हारा अधिकार ही नहीं है उसके बारे में सोचने की जरूरत नहीं है। तुम सिर्फ अपना कर्म करो और फल की चिंता मत करो।

हतो वा प्राप्यसि स्वर्गम्, जित्वा वा भोक्ष्यसे महिम्।
तस्मात् उत्तिष्ठ कौन्तेय युद्धाय कृतनिश्चय:॥

अर्थ : इस श्लोक में श्री कृष्ण अर्जुन को समझा रहे हैं कि तुम अपना कर्म करो। इस युद्ध में यदि तुम युद्ध करते करते वीरगति को प्राप्त हुए तो तुम्हें अपने कर्म को करने के परिणामस्वरूप स्वर्ग प्राप्त होगा और यदि तुम इस युद्ध में कौरवों से जीत हासिल करते हो तो तुम इस धरती में सुख और राज्य हासिल करोगे। हे कौन्तेय। उठो और संकल्प लेकर निश्चय होकर अपनी पूरी ताकत से युद्ध करो।

कर्मेन्द्रियाणि संयम्य य आस्ते मनसा स्मरन्।
इन्द्रियार्थान्विमूढात्मा मिथ्याचारः स उच्यते।।

अर्थ : इस श्लोक अनुसार व्यक्ति अपने मन और अपनी सभी इन्द्रियों को ज़बरदस्ती अपने नियंत्रण में करने की कोशिश करता है। उसे लगता है उसकी इन्द्रियां उसके बस में हैं लेकिन वास्तव में उसका मन सभी पुरानी बातों के बारे में सोचता रहा है। इसे संन्यास नहीं कहते। ऐसे व्यक्ति सन्यासी न होकर मिथ्या चारी होते हैं।

इसका अर्थ है व्यक्ति को यदि संन्यास लेना है तो सभी इन्द्रियों को सम्पूर्ण तरीके से बस में करना सीखना होगा और यदि वो बिना ऐसा कर लेता है तभी कह सकते हैं कि उसकी इन्द्रियां उसके बस में हैं।

यस्त्विन्द्रियाणि मनसा नियम्यारभतेऽर्जुन।
कर्मेन्द्रियैः कर्मयोगमसक्तः स विशिष्यते ॥

अर्थ : इस श्लोक में श्री कृष्ण कह रहे हैं कि हे अर्जुन जो व्यक्ति मन से अपनी सभी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखने में कामयाब होता है और जो बिना किसी आसक्ति के सभी कर्मेन्द्रियों से कर्म करता है वो ही वास्तव में श्रेष्ठ है। वो ही श्रेष्ठ हैं जो अपने सभी कर्म कर बिना किसी फल की इच्छा के करता है।

Bhagavad Gita Quotes on Life

तुम्हारे साथ जो हुआ वह अच्छा हुआ, जो हो रहा है वो भी अच्छा है और जो होगा वो भी अच्छा होगा।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

जीवन का आनंद ना तो भूतकाल में है और ना भविष्यकाल में। बल्कि जीवन तो बस वर्तमान को जीने में है।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

मन की शांति से बढ़कर इस संसार में कोई भी संपत्ति नहीं है।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

जो व्यक्ति मन को नियंत्रित नहीं करते, उनके लिए मन शत्रु के समान कार्य करता हैं।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

जो लोग बुद्धि को छोड़कर भावनाओं में बह जाते हैं, उन्हें हर कोई मुर्ख बना सकता हैं।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

कोई भी इंसान अपने जन्म से नहीं, बल्कि अपने कर्मो से महान बनता है।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

सदैव संदेह करने वाले व्यक्ति के लिए प्रसन्नता ना इस लोक में है ना ही कहीं और।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

जब इंसान अपने काम में आनंद खोज लेता हैं, तब वे पूर्णता प्राप्त कर लेता हैं।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों को वश में रखने के लिए बुद्धि और मन को नियंत्रित रखना होगा।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

इंसान हमेशा अपने भाग्य को कोसता है यह जानते हुए भी कि भाग्य से भी ऊंचा उसका कर्म है जिसके स्वयं के हाथों में है।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

इस दुनिया में कोई भी पूरी तरह से सही नहीं है इसलिए लोगों की अच्छाइयों को देखकर उनके साथ अच्छे रिश्ते बनाए।

– Bhagavad Gita Quotes in Hindi

Best Bhagavad Gita Quotes in Hindi

जब हमारा मन कमजोर होता हैं, तब परिस्थितियां समस्या बन जाती हैं और जब हमारा मन कठोर होता है तब परिस्थितियां चुनौती बन जाती हैं। जब हमारा मन मजबूत होता हैं, तब परिस्थितियां अवसर बन जाती हैं।

अगर आप अपनी गलतियों से कुछ सीखते हो, तो गलतियां सीढ़ियाँ बनती हैं और अगर नहीं सीखते हैं, तो गलतियां सागर हैं, फैसला आपका है चढ़ना है या डूबना है।

जो जितना शांत होता है, वो उतनी ही गहराई से अपनी बुद्धि का प्रयोग कर सकता हैं।

निंदा से घबराकर अपने लक्ष्य को न छोड़े, क्योंकि लक्ष्य मिलते ही निंदा करनेवालों की राय बदल जाती हैं।

नकारात्मक विचारों का आना तय है लेकिन यह आप पर निर्भर करता हैं, की आप उन्हें महत्व देते हैं या फिर अपने सकारात्मक विचारों पर ही ध्यान लगाए रहते हैं।

जो इंसान सभी इच्छाएँ त्याग देता है ,उसे शान्ति की प्राप्त होती है।

प्रत्येक बुद्धिमान व्यक्ति को क्रोध और लोभ त्याग देना चाहिए क्योंकि इससे आत्मा का पतन होता है।

जो आपका है वो आपको मिलकर ही रहेंगा, फिर चाहे उसे छीनने के लिए पूरी कायनात एक हो जाए।

हमेशा याद रखना, बेहतरीन दिनों के लिए बुरे दिनों से लड़ना पड़ता हैं।

प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत आपके अपने विचार है, इसलिए बड़ा सोचे और खुद को जितने के लिए हमेशा प्रेरित करें।

अच्छे कर्म करने के बावजूद भी लोग केवल आपकी बुराइयाँ ही याद रखेंगे। इसलिए लोग क्या कहते है इस पर ध्यान मत दो, आप सिर्फ अपना कार्य करते रहो।

नरक के तीन द्वार हैं – वासना, क्रोध और लालच।

मैं उन्हें ज्ञान देता हूँ जो सदा मुझसे जुड़े रहते हैं और जो मुझसे प्रेम करते हैं।

समय से पहले और भाग्य से अधिक किसी को कुछ भी नहीं मिलता।

अगर आप Bhagavad Gita Quotes in Hindi को अपने जीवन में अमल में लाते है तो आप कभी भी किसी प्रॉब्लम में नहीं आएंगे और आप अपने जीवन की कठिन परिस्थितिये में सही कदम उठाएंगे। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार श्रीमद भगवत गीता को पड़नी चाहिए , Life Changing Bhagavad Gita Quotes in Hindi आपके जीवन को बदल देंगे।

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